भोपाल: मध्यप्रदेश में शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2.0 के तहत अभियान तेज किया गया है। प्रदेश सरकार के अनुसार, योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। हाल के महीनों में बड़ी संख्या में आवासों को स्वीकृति मिलने और हजारों परिवारों के नए घरों में गृह प्रवेश करने से योजना के क्रियान्वयन को नई गति मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ‘सबके लिए आवास’ की नीति और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा योजना के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, योजना का लाभ केवल राजनीतिक दावों तक सीमित नहीं है; केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़े भी मध्यप्रदेश में PMAY-U के बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन को दर्शाते हैं।
42 हजार से अधिक आवासों को मिली मंजूरी
जून 2026 में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 42 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र दिए गए थे।
केंद्र सरकार के अनुसार, इन स्वीकृतियों के लिए लगभग 1,050 करोड़ रुपये की सरकारी सब्सिडी निर्धारित की गई। इसी कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों के 38 हजार परिवारों ने अपने नए पक्के मकानों में गृह प्रवेश किया।
इस उपलब्धि को शहरी आवास योजना के तहत प्रदेश में चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा माना गया। नए मकान केवल रहने के लिए एक इमारत नहीं हैं, बल्कि लाभार्थी परिवारों के लिए स्थायी संपत्ति और सुरक्षित जीवन का आधार भी बन सकते हैं।
मध्यप्रदेश में 10 लाख आवासों का लक्ष्य
मध्यप्रदेश सरकार ने PMAY-U 2.0 के तहत प्रदेश में पात्र परिवारों के लिए 10 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा है।
योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और पात्र मध्यम आय वर्ग के परिवारों को अलग-अलग प्रावधानों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इसमें लाभार्थी द्वारा अपनी जमीन पर घर बनाने, साझेदारी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने, किराये के आवास तैयार करने और आवास ऋण पर ब्याज सहायता जैसे विकल्प शामिल हैं।
इससे ऐसे परिवारों को भी योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जो अभी तक किसी कारण से सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं ले पाए थे।
अक्टूबर में भी जारी है नया अभियान
मध्यप्रदेश में PMAY-U 2.0 के तहत अक्टूबर 2026 में भी नए आवासों की स्वीकृति के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 अक्टूबर तक लगभग 30 हजार नए आवासों को स्वीकृति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों की पहचान, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और आवास निर्माण की प्रक्रिया को तेज करना है।
सरकार की कोशिश है कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और स्वीकृति से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
महिलाओं के नाम पर भी घर की पहल
प्रधानमंत्री आवास योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता घर के स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी है।
PMAY-U के तहत घर का स्वामित्व महिला लाभार्थी के नाम या परिवार की महिला सदस्य के साथ संयुक्त नाम में रखने को प्राथमिकता दी जाती है। इससे आवास योजना को केवल निर्माण योजना के बजाय महिला सशक्तिकरण से जोड़ने का प्रयास भी किया गया है।
पक्का घर मिलने से परिवारों को स्थायी पता, सुरक्षित रहने की जगह और संपत्ति का आधार मिलता है। कई परिवारों के लिए यह सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है।
बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का उद्देश्य केवल चार दीवारें उपलब्ध कराना नहीं है। योजना के तहत बनाए जाने वाले आवासों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया जाता है।
इनमें पानी, बिजली, शौचालय और रसोई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और आवास की बढ़ती मांग के बीच कम आय वाले परिवारों के लिए सुरक्षित आवास एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सरकारी आवास योजनाएं कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मध्यप्रदेश पहले चरण में भी रहा आगे
मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के पहले चरण के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार पहले भी अपनी उपलब्धियां सामने रख चुकी है।
केंद्र सरकार के जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में 10.39 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके थे, जबकि 9.08 लाख से अधिक आवास पूरे हो चुके थे।
ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में शहरी आवास कार्यक्रम का विस्तार बड़े स्तर पर हुआ है।
अब PMAY-U 2.0 के माध्यम से सरकार का ध्यान उन परिवारों तक पहुंचने पर है जो अभी भी पक्के घर की सुविधा से वंचित हैं।
पक्का घर सिर्फ मकान नहीं, सुरक्षा का आधार
कम आय वाले परिवारों के लिए कच्चे मकान में रहना कई तरह की समस्याओं से जुड़ा होता है। बारिश, गर्मी, ठंड और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ऐसे घरों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त चिंता रहती है।
पक्का मकान परिवार को अपेक्षाकृत स्थायी और सुरक्षित रहने की जगह प्रदान करता है। इसके साथ बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जीवन और सामाजिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
PMAY-U से जुड़े लाभार्थियों की कहानियों में भी कई बार यह सामने आया है कि नया घर मिलने के बाद परिवारों को सुरक्षा और सम्मान का अनुभव हुआ।
इसी वजह से ‘पक्का घर’ केवल सरकारी निर्माण का लक्ष्य नहीं बल्कि बेहतर जीवन परिस्थितियों से जुड़ा मुद्दा भी है।
सरकार के सामने चुनौती भी बड़ी
हालांकि योजना की प्रगति के साथ कई चुनौतियां भी मौजूद हैं।
सभी पात्र परिवारों की सही पहचान, दस्तावेजों का सत्यापन, जमीन से जुड़े मामलों का समाधान, समय पर किस्त जारी करना और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
शहरी क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता और निर्माण लागत भी बड़ी चुनौती हो सकती है। ऐसे में केवल आवास स्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है; समय पर निर्माण पूरा होना और लाभार्थी का वास्तव में घर में रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, योजना के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्थानीय निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
मध्यप्रदेश की नई तस्वीर की ओर कदम
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में जारी अभियान राज्य के शहरी आवास क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
जून में 42 हजार से अधिक नए आवासों की स्वीकृति, 38 हजार परिवारों का गृह प्रवेश और अक्टूबर में 30 हजार नए आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य बताता है कि योजना को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से इसे ‘पक्का घर, बढ़ता सम्मान’ और मध्यप्रदेश की बदलती तस्वीर से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
आने वाले समय में योजना की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि कितने पात्र परिवारों को समय पर आवास मिलता है, कितने घर पूरे होते हैं और कितने परिवार इन घरों में सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन शुरू कर पाते हैं।
पक्का घर किसी परिवार के लिए सिर्फ एक छत नहीं होता—यह स्थिरता, सुरक्षा और भविष्य की उम्मीद का आधार भी बन सकता है।


